पटना न्यूज डेस्क: बिहार में जश्न और खौफ के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है। समस्तीपुर, बेगूसराय और पटना जैसे जिलों में छात्रों, शिक्षकों और किशोरों के अपहरण कर जबरन शादी कराने की घटनाएं बढ़ रही हैं। स्थानीय तौर पर ‘पकड़ौआ विवाह’ के नाम से चर्चित ये मामले अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए सामने आ रहे हैं, जिनमें युवक शादी की रस्में निभाते हुए सहमे और बेबस दिखाई देते हैं। कई मामलों में युवकों को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया जाता है, तो कहीं हथियार के बल पर अगवा कर बंधक बना लिया जाता है।
ताजा मामला समस्तीपुर जिले का है, जहां 22 वर्षीय छात्र नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि उसका अपहरण कर जबरन शादी कराई गई। पुलिस के अनुसार 7 फरवरी को वह लाइब्रेरी से लौट रहा था, तभी उसके दोस्तों ने उसे नशीला पदार्थ मिलाकर ठंडा पेय पिला दिया। नीतीश का कहना है कि वह बेहोश हो गया और बाद में पास के गांव में उसकी जबरन शादी करा दी गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे दो दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और काबू में रखने के लिए बार-बार नशीला पदार्थ दिया गया।
बंधक बनाए जाने के दौरान नीतीश ने किसी तरह एक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में वह जयमाला की रस्म के दौरान असहज और असंतुलित नजर आ रहा है। एक अन्य वीडियो में वह कमरे में बंद दिखाई देता है और मदद की गुहार लगाता सुनाई देता है। नीतीश के परिवार ने वीडियो देखने के बाद पुलिस को सूचना दी और पतोरी थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर उसे मुक्त कराया।
हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित का बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं लड़की पक्ष का दावा है कि यह सहमति से हुई शादी थी। गांव में दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश भी की गई थी। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बिहार में पकड़ौआ विवाह की कुप्रथा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।